वाणिज्य एवं उद्योग
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विभिन्न देशों और समूहों के साथ व्यापार

देश का कुल विदेश व्यापार 1991-92 में (आयात और निर्यात जोड़कर, जिसमें पुनर्निर्यात भी शामिल था) 91,893 करोड़ रुपए था। तबसे इसमें कभी-कभार आई कमी को छोड़कर निरंतर वृद्धि होती रही है। वर्ष 2008-09 में भारत का विदेश व्यापार 2072438 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

भारत का निर्यात 2008-09 के दौरान 16.9 प्रतिशत बढ़कर रु. 7,66,935 करोड़ हो गया। अमेरिकी डालर में यह आंकड़ा साढ़े तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ 168.7 अरब अमेरिकी डालर पहुंच गया। जबकि पिछले साल यह बढ़त 29.1 प्रतिशत आंकी गई थी। सितंबर 2008 के बाद निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2008 के दौरान लगभग सभी कमोडिटी क्षेत्रों के निर्यात में 31.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही अक्टूबर-मार्च 2008-09 के दौरान निर्यात में 19.2 प्रतिशत की गिरावट देखने में आई। यह गिरावट किसी खास कमोडिटी समूह तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसकी जद में सभी समूह आ गए।

वर्ष 2008-09 में आयात 2007-08 के रुपए 10,12,312 करोड़ के स्तर से बढ़कर रुपए 13,05,503 करोड़ हो गया जो रुपए में यह वृद्धि 29 प्रतिशत आंकी गई। जबकि अमेरिकी डालर में 2008-09 के दौरान आयात 14.4 प्रतिशत बढ़कर 287.8 अरब डालर के आंकड़े तक पहुंच गया। इस अवधि में भारत का तेल आयात 16.9 प्रतिशत बढ़कर 93.2 अरब डालर तक पहुंच गया। गैर तेल आयात भी बढ़कर 194.6 अरब अमेरिकी डालर हो गया, जो कि गत वर्ष की तुलना में 13.2 प्रतिशत अधिक है। जिन जिन्सों का आयात बढ़ा उनमें मोती, मूल्यवान एवं कम मूल्यवाले रत्न, कच्चा एवं तैयार उर्वरक, कोयला, अजैविक रसायन, परियोजना की सामग्री आदि शामिल है। सोने और परिवहन उपकरणों का आयात काफी कम हुआ।

वर्ष 2008-09 के दौरान व्यापार घाटा बढ़ा। वर्ष 2007-08 के 356449 करोड़ की तुलना में यह 538568 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। अमेरिकी डालर में यह घाटा 119 अरब को पार कर गया जबकि पूर्व वर्ष यह घाटा 88.5 अरब डालर था।

भारत के व्यापारिक संबंध सभी बड़े व्यापारिक समूहों और भौगोलिक क्षेत्रों से हैं। अप्रैल-फरवरी 2008-09 में एशिया और आसियान (दक्षिण एशिया, मध्यपूर्व, खाड़ी देश को) 51.4 प्रतिशत निर्यात किया गया। भारत के निर्यात में यूरोप और अमेरिका की हिस्सेदारी क्रमशः 23.8 और 16.5 प्रतिशत रही। यूरोपीय संघ के 27 देशों का कुल भारतीय निर्यात में 22.3 प्रतिशत हिस्सा रहा। इस अवधि के दौरान अमेरिका को सबसे अधिक (12 प्रतिशत) निर्यात किया गया, इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (10.8 प्रतिशत), चीन (5.1 प्रतिशत), सिंगापुर (4.7 प्रतिशत), हालैंड (3.7 प्रतिशत), हांगकांग (3.7 प्रतिशत), ब्रिटेन (3.6 प्रतिशत), जर्मनी (3.4 प्रतिशत), सऊदी अरब (3.0 प्रतिशत), बेल्जियम (2.6 प्रतिशत) और इटली (2.2 प्रतिशत) का नंबर आता है।

आयात के मामले में एशिया और आसियान देशों का भारत के साथ सर्वाधिक व्यापार हुआ। इसके बाद यूरोप और अमेरिका का नंबर आता है। देशों के मामले में चीन सबसे आगे है। भारत के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी 10.7 प्रतिशत रही। सऊदी अरब (7.1 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (6.4 प्रतिशत), संयुक्त राज्य अमेरिका (6.0 प्रतिशत), ईरान (4.7 प्रतिशत), स्विटजरलैंड (4.2 प्रतिशत), जर्मनी (3.6 प्रतिशत), कुवैत (3.4 प्रतिशत), नाइजीरिया (3.2 प्रतिशत) और ईराक (2.8 प्रतिशत) अन्य प्रमुख देश हैं।

(अ) अस्थाई आंकड़े

वर्ष 2007-08 और 2008-09 में भारतीय विदेशी व्यापार मूल्य करोड़ रुपयों में
क्षेत्र निर्यात (अप्रैल- फरवरी) आयात (अप्रैल- फरवरी)
2007-08 2008-09(अ) 2007-08(अ) 2008-09(अ)
1. यूरोप 1,33,151 1,65,925 1,75,335 2,23,813
  1.1 यूरोपीय संघ के देश 1,23,219 1,55,266 1,27,315 1,61,593
  1.2 अन्य पश्चिमी यूरोपीय देश 9,553 10,123 47,881 62,115
  1.3 पूर्वी यूरोप 379 536 138 106
2. अफ्रीका 38,062 44,922 51,519 60,151
  2.1 दक्षिणी अफ्रीका 13,058 12,393 17,868 29,377
  2.2 पश्चिमी अफ्रीका 12,851 13,204 35,614 48,514
  2.3 मध्य अफ्रीका 934 1,372 189 632
  2.4 पूर्वी अफ्रीका 15,126 18,687 1,158 1,158
3. अमेरिका 98,900 1,14,966 79,780 1,21,381
  3.1 उत्तरी अमेरिका 79,880 89,476 56,281 80,825
  3.2 लैटिन अमेरिका 10,019 45,490 23,498 40,556
4. एशिया और आसियान 2,96,287 3,57,982 5,43,551 7,39,622
  4.1 पूर्वी एशिया 5,070 6,719 30,783 40,230
  4.2 आसियान 56,663 75,357 82,289 1,06,418
  4.3 डब्ल्यूएएनए 1,08,920 1,44,039 2,58,645 3,56,716
  4.4 दक्षिण-पूर्व एशिया 92,974 96,846 1,64,030 2,28,746
  4.5 दक्षिण एशिया 32,659 35,020 7,805 7,513
5. सीआईएस और बाल्टिक 6,101 7,623 14,238 28,793
  5.1 सीएआर देश 826 1,047 419 1,157
  5.2 अन्य सीआई एस देश 5,275 6,577 13,818 27,636
6. अन्य देश 1,482 4,346 2,666 4,710
कुल 5,77,889 6,96,498 8,70,399 11,98,360

अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार

स्वतंत्रता के बाद से ही अफ्रीकी देशों के साथ भारत के हार्दिक मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं। 1947 से और दूसरी सहस्‍त्राब्दी में प्रवेश के बाद इन देशों के साथ व्यापार संबंध बढ़े हैं।

वर्ष 2007-08 के दौरान अफ्रीका के साथ कुल 34693.74 मिलियन अमेरिकी डालर का व्यापार हुआ जिसमें 14196.06 मिलियन डालर का निर्यात और 20497.65 मिलियन डालर का आयात शामिल है। अगर तेल व्यापार को भी मिला लिया जाए तो अप्रैल 2008-फरवरी 2009 तक कुल कारोबार 35710.57 मिलियन अमेरिकी डालर का था जिसमें से 12857.06 मिलियन का निर्यात और 22853.51 मिलियन का आयात शामिल है। 2007-08 की इसी अवधि में यह व्यापार 310505.65 मिलियन अमेरिकी डालर का था जिसमें से 12716.42 मिलियन निर्यात और 18789.23 मिलियन का आयात था। अगर तेल को अलग कर लें तो इन देशों के साथ भारत का व्यापार लाभप्रद बैठता है।

वर्ष 2007-08 के दौरान भारत और अफ्रीकी देशों के साथ कुल जिन्स व्यापार 16586.60 मिलियन अमेरिकी डालर का था, जिसमें तेल व्यापार शामिल नहीं है। 2006-07 में यह 12445.36 मिलियन अमेरिकी डालर था। इस प्रकार 33.27 प्रतिशत बढ़ोतरी रही। अफ्रीकी देशों का भारत से निर्यात 2006-07 में 33.42 प्रतिशत बढ़कर 7668.81 मिलियन अमेरिकी डालर से 10231.75 मिलियन अमेरिकी डालर (2007-08 में) हो गया।

यूरोपीय संघ के साथ व्यापार एवं निवेश संबंध

यूरोपीय संघ (ईयू) में फिलहाल 27 देश शामिल हैं। ये देश हैं ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुवानिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, स्लोवाक गणराज्य, स्लोविया, स्पेन, ब्रिटेन, बुल्गारिया और रोमानिया।

भारत और ईयू के बीच बेहतर आर्थिक संबंध हैं। इन रिश्तों की बुनियाद (i) भागीदारी और सहयोग पर आधारित अगस्त 1994 में किए गए भारत ईयू सहयोग समझौता पर आधारित है और (ii) भारत ईयू रणनीतिक भागीदारी की घोषणा सितंबर 2005 में हुई। इसके अलावा भारत का ईयू के कई सदस्य देशों के साथ वाणिज्य, निवेश और दोहरे कराधान से बचने से संबंधित क्षेत्र में अलग से द्विपक्षीय सहयोग समझौता पहले से ही विद्यमान है। भारत का यूरोप के 22 देशों और ईयू के 17 देशों के साथ निवेश संरक्षण और प्रोत्साहन समझौता है। इसी तरह से दोहरे कराधान से बचने का समझौता भी 26 देशों के साथ लागू है।

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स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 11-01-2011