भारतीय शिक्षा प्रणाली ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त स्थान हासिल कर लिया है। भारत विदेशी छात्रों के लिए उच्चतर शिक्षा हेतु एक लोकप्रिय स्थान बन गया है, क्योंकि इस देश के शैक्षिक पाठ्यक्रम दूसरे देशों में उपलब्ध अवसरों से अधिक बेहतर हैं।
हर वर्ष दुनिया के सभी देशों से बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन के लिए भारत आते हैं और अपनी अधिक सीखने की इच्छा को पूरा करते हैं। भारत में अध्ययन, विश्व में दूसरा सबसे बड़ा शिक्षा नेटवर्क, अपने आप में समृद्ध अनुभव है।
आकर्षक माहौल, भेदभावरहित व्यवहार और सुनिश्चित शैक्षिक और कैरियर उत्थान के अवसर दुनिया भर के विद्यार्थियों को भारत की ओर आकर्षित करते हैं।
यहां ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो औषध, कला और भाषा पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार, वाणिज्य आयोजना, वास्तुकला, इंजीनियरिंग और दूसरे विशेषीकृत अध्ययनों पर बल देते हैं। अधिकांश भारतीय विश्वविद्यालय अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देते हैं और अंग्रेजी में कमजोर लोगों के लिए विशेष भाषा की कक्षाएं चलाते हैं।
भारत में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की एक विशाल सूची है जो देश के प्रमुख राज्यों और शहरों में फैले हुए हैं, जहां समय समय पर अनेक विदेशी छात्र आते हैं। भारत में 343 विश्वविद्यालय और 17000 महाविद्यालयों के साथ ऐसे अनेक प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं जिन्हें विश्वभर में मान्यता प्राप्त है।
स्नातक और स्नातकोत्तर तथा डॉक्टरल पाठ्यक्रमों के अलावा ऐसे अनेक प्रशिक्षण और डिप्लोमा स्तर के संस्थान तथा पॉलीटेक्नीक हैं जो कौशल आधारित और व्यावसायिक शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा जो भारत प्रदान करता है वह प्रत्येक आय वर्ग की पहुंच के भीतर है अगर मैं समुचित शुल्क ढांचे पर विचार करते हैं। यहां 66 दूरस्थ शिक्षा संस्थाएं हैं जो 60 विश्वविद्यालयों में कार्यरत हैं इसके अतिरिक्त 11 मुक्त विश्वविद्यालय हैं, भारत की दूरस्थ शिक्षा में व्यापक पहुंच है।
इसलिए भारत आएं और शैक्षिक प्रणाली का अंग बनें जो गुणवत्ता के मूल्यों पर एवं विकास और सच्चाई पर चलती है।

विदेशी छात्रों के लिए सूचना