रक्षा एवं अर्धसैनिक बल
रक्षा एवं अर्धसैनिक बल देश की प्रभुता, सुरक्षा, अखंडता एवं सीमा रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारतीय राष्ट्रीय पोर्टल के इस खंड में हम रक्षा सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के बारे में संपूर्ण जानकारी तथा सरकार द्वारा उनके लिए किए जा रहे कल्याण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेकर आए हैं। यहां पर वे अपने लिए रोजगार अवसरों, विभिन्न कार्यक्रमों, नीतियों, योजनाओं तथा सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
रक्षा बल
थल सेना, नौसेना, वायु सेना एवं तटरक्षक बल मिलकर भारतीय सशस्त्र बल कहलाते हैं, इन्हें भारतीय रक्षा बल भी कहा जाता है। देश की सुरक्षा के लिए इन्हें कब और कहां पर कार्य करना है, तथा इनसे संबंधित सभी प्रकार की नीतियां तथा रूपरेखा बनाने की प्रमुख जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), की है। मंत्रालय यह भी तय करता है कि शासन की सभी नीतियों, कार्यक्रम तथा निर्देशों का समुचित लाभ आवंटित स्रोतों को मिल सके, साथ ही इन सभी का नीतिगत क्रियान्वयन भी हो सके।
अर्धसैनिक बल
देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों की है। इनमें से अधिकांश बल आतंकवाद विरोधी मिशन में लगाए जाते हैं। अर्धसैनिक बलों की सभी शाखाएं गृह मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के अधीन कार्य करती हैं।
भारतीय अर्धसैनिक बलों में अलग-अलग काम करने वाले कई कारक मौजूद हैं। इसलिए इसे मूलरूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। एक है केंद्रीय पुलिस संगठन (सीपीओ) तथा दूसरी है केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएफ)।
केंद्रीय पुलिस संगठन (टियर 1): केंद्रीय पुलिस संगठन स्वायत्त एवं केंद्रीय तथा राज्य पुलिस के साथ मिलकर समन्वय के साथ कार्य करता है।
केंद्रीय अर्धसैनिक बल (टियर 2): केंद्रीय अर्धसैनिक बल मूल रूप से अर्धसैनिक बलों का ही द्वितीयक रूप कहा जाता है। यह बल भारतीय सशस्त्र सेनाओं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के साथ मिलकर काम करता है।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 10-02-2011 ![]()

