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नगर पालिका

भारत अट्ठाईस राज्यों और सात केन्द्र शासित प्रदेशों का कार्यक्षेत्र है। बढ़ती आबादी एवं भारत के विभिन्न शहरों में शहरीकरण के साथ, नगर निगमों की स्थापना आवश्यक सामुदायिक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य केन्द्र, शैक्षणिक संस्थान और आवास, संपत्ति कर जैसे अन्य मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए की गई।

शहर के प्रशासन में नगर निगम बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है एवं इसका नेतृत्व नगर निगम आयुक्त द्वारा किया जाता है, जिसके पास समस्त कार्यकारी अधिकार होते हैं।

आम आदमी के लाभ के लिए स्थापित की गई विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी निष्पादन और एक बेहतर एवं योजनाबद्ध शहर के निर्माण के लिए नगर निगम राज्य सरकार के साथ हाथ से हाथ मिलाकर कार्य करता है।

भारत में नगर निगम, पंचायती राज व्यवस्था के निगम अधिनियम,1835 के तहत गठित है एवं, प्रत्येक जिले अथवा शहर के छोटे से छोटे गांव अथवा कस्बे में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। राज्य में एक केन्द्रीय महत्व का स्थान रखते हुए नगर निगम लोगों की दैनिक समस्याओं का समाधान करता है एवं उन्हें सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करता है।

देश के चार महानगरों में सबसे बड़े निगम हैं। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई एवं चेन्नई में से मुंबई नगर निगम सबसे बड़ा है। इन चार महानगरों में देश की बहुत बड़ी आबादी ही नहीं रहती है, बल्कि ये चारों महानगर देश के प्रशासनिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र भी हैं।

भारत के राष्ट्रीय पोर्टल का यह खंड आपको नगर निगमों की संगठनात्मक संरचना, चुनाव, भूमिका और कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इसके अलावा आप पूरे राज्य में नगर निकायों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न नागरिक केन्द्रित सेवाओं की एक सूची भी प्राप्त कर सकते हैं।


स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 10-06-2011