- केन्द्रीय समाज कल्याण बोर्ड (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- मुख्य आयुक्त (विकलांगता) भारत सरकार (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- स्वलीनता (ऑटिज्म), दिमागी पक्षाघात (सेरेब्रल पल्सी), मानसिक मंदता और बहु विकलांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए नेशनल ट्रस्ट (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय मानसिक विकलांगता संस्थान (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय दृश्यता विकलांगता संस्थान (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय अस्थि विकलांग संस्थान (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी)
- नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एनएससीएफडीसी)
- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम (एनएसकेएफडीसी)
- राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान (एनआईएसडी) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
विशिष्ट रूप से सक्षम
भारत का संविधान सभी के लिए समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा सुनिश्चित करता है और निःसंदेह सभी व्यक्तियों के साथ विकलांगजनों को भी समाज में समानता के साथ शामिल करता है। विकलांगता अधिनियम, 1995 (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)
के प्रावधानों के अनुसार व्यक्तियों में विकलांगता की सात श्रेणियों की पहचान की गई है। जैसे; नेत्रहीनता, रतौंधी, कुष्ठरोग, श्रवण दुर्बलता, गतिहीनता, मानसिक मंदता और मानसिक बीमारी। इन सात श्रेणियों में आने वाले व्यक्तियों में यदि न्यूनतम 40 प्रतिशत तक की विकलांगता है, तो वे विकलांगजन सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले सभी लाभों के लिए पात्र हैं।
11वीं पंचवर्षीय योजना के अनुसार देश की आबादी का 5 से 6 प्रतिशत हिस्सा इस तरह की समस्या से ग्रस्त हो सकता है। हमारी आबादी के इस बड़े भाग को समान सेवाओं और अवसरों की जरुरत है। सभी को साथ लेकर चलना समग्र विकास के लिए भी एक आवश्यक गुण है। इसलिए हमारे देश के विविध विकलांगजनों की बहुमूल्य मानव संसाधन के रूप में पहचान की जा रही है, सरकार द्वारा ऐसे विकलांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए विभिन्न पहल की गई हैं।
विकलांग व्यक्तियों के कल्याण की दिशा में उठाए जा रहे कदम सरकार की नीतियों, अधिनियमों, योजनाओं में और विकलांग व्यक्तियों के विकास व पुनर्वास के लिए स्थापित संस्थानों के माध्यम से प्रदर्शित किए गए हैं।
भारत के राष्ट्रीय पोर्टल के इस अनुभाग में आपको सरकार द्वारा विकलांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत और अद्यतन जानकारी दी गई है। विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और सेवाओं का भी इस अनुभाग में उल्लेख किया गया है।
विविध विकलांगजन से संबंधित सूचना
- कानूनी रूपरेखा और व्यापक अवसंरचना
- नियम
- प्रमुख उपलब्धियां
- व्यापक अवसंरचना
- कल्याण कोना
- शिक्षा
- रोज़गार
- योजनाएं
- वित्तीय सहायता
- स्वरोजगार वाले उपक्रमों के लिए वित्तीय सहायता
- वित्तीय सहायता के साथ विशेष शिक्षा
- अवरोध मुक्त निर्माण
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 02-05-2011
